नामांकन पॉलिसीधारक का कानूनी अधिकार है….वह किसी को भी नामांकित कर सकता है जिसे उसकी अनुपस्थिति में पॉलिसी में होने वाले भुगतान दिए जा सकते हो….जहाँ तक हो सके इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि पति/पत्नी, माता-पिता या बच्चों में से ही किसी को नामांकित करवाने की सलाह ग्राहक को दें….ऐसे लाभार्थी को कानूनन विशेषाधिकार भी मिले होते हैं….लेकिन यदि नामांकन निकटतम रक्त संबंधियों में से नहीं हो तो उसे किसी अजनबी के पक्ष में नामांकन (Nomination in Favour of Stranger) के रूप में देखा जाता है….
नामांकन के लिये प्रयोग होने वाले फॉर्म –
फॉर्म संख्या 3264 –
इस फॉर्म का उपयोग पहली बार नामांकन के लिए किया जाता है….
उदाहरण – जब बच्चों (प्रस्तावित व्यक्ति) के जीवन पर बीमा किया जाता है और जब प्रस्तावित व्यक्ति वयस्क हो जाता है तब नामांकन के लिए इस फॉर्म का उपयोग किया जाता है….ऐसी पॉलिसियों में नामांकन करवाना ना भूलें जिससे मृत्यु दावों का भुगतान आसानी से हो सके…..
फॉर्म संख्या 3750 –
इस फॉर्म का उपयोग नामांकन बदलने (Change of Nomination) के लिए किया जाता है….
उदाहरण – जब कोई पॉलिसीधारक विवाह के बाद अपने पति/पत्नी को नामांकित करवाना चाहे तब इस फॉर्म का उपयोग किया जाता है….
फॉर्म संख्या 3265 –
जब भी पॉलिसीधारक किसी अवयस्क (Minor) को नामांकित करता है तो इस फॉर्म का उपयोग किया जाता है….
यह फॉर्म सही मायनों में टू इन वन (2 in 1) फॉर्म होता है….इसके द्वारा पॉलिसीधारक एक अवयस्क (Minor Nominee) के साथ साथ एक नियुक्ति व्यक्ति (Appointee) को भी नियुक्त करता है जो कि मृत्यु दावा के भुगतान के समय अभिभावक के रूप में अपनी भूमिका निभाता है….
फॉर्म संख्या 3738 –
इस फॉर्म का उपयोग नियुक्ति व्यक्ति (Appointee) के परिवर्तन के लिए किया जाता है….
जब भी पॉलिसीधारक नियुक्ति व्यक्ति (Appointee) को बदलना चाहता है तब वह इस फॉर्म के द्वारा वह एक नए नियुक्ति व्यक्ति को नियुक्त (Appoint) कर सकता है….
